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कुलपति के एबीवीपी गमछा पहनने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, विश्वविद्यालय की निष्पक्षता पर जताई चिंता

📅 27 Oct 2026 👤 Loklens News Team 📁 प्रदेश
कुलपति के एबीवीपी गमछा पहनने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, विश्वविद्यालय की निष्पक्षता पर जताई चिंता

अल्मोड़ा में जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री निर्मल रावत ने सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति की एबीवीपी का गमछा पहने तस्वीर पर सवाल उठाए। उन्होंने विश्वविद्यालय की निष्पक्षता और स्वायत्तता को लेकर चिंता जताते हुए कुलपति से स्पष्टीकरण देने की मांग की।

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति की सार्वजनिक कार्यक्रम में एबीवीपी का गमछा पहने तस्वीर सामने आने के बाद कांग्रेस ने विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के जिला महामंत्री निर्मल रावत ने इसे विश्वविद्यालय की निष्पक्षता और गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए कुलपति से स्पष्टीकरण देने की मांग की।

निर्मल रावत ने कहा कि कुलपति की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय को निष्पक्षता और समानता के साथ संचालित करने की है। ऐसे में किसी छात्र संगठन के प्रतीक के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई देने पर विश्वविद्यालय की राजनीतिक निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कुलपति का पद किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़ा पद नहीं है।

रावत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों की अकादमिक पहचान को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे स्थान हैं, जहां विद्यार्थियों को लोकतंत्र, संविधान और स्वतंत्र विचारों की समझ मिलनी चाहिए। ऐसे में प्रशासन के शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कुलपति ने एबीवीपी का गमछा पहना था, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से इसका कारण स्पष्ट करना चाहिए। रावत ने कहा कि विश्वविद्यालय में एनएसयूआई, एबीवीपी और अन्य छात्र संगठनों से जुड़े विद्यार्थियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए, ताकि किसी भी छात्र को पक्षपात की आशंका न रहे।

कांग्रेस महामंत्री ने कहा कि कुलपति की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय का संचालन करना है, न कि किसी राजनीतिक संगठन की विचारधारा का प्रचार करना। उन्होंने राज्य सरकार से विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।

रावत ने मांग की कि पूरे प्रकरण पर कुलपति से स्पष्टीकरण लिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विश्वविद्यालय प्रशासन किसी भी राजनीतिक संगठन के प्रभाव में काम न करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालयों को राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की कोशिश की गई, तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी।