नई दिल्ली, 23 अक्टूबर। भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान के अलवर में 22 अक्टूबर को ITBP के जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर फेस-ऑफ की स्थिति अब भी जारी है। उन्होंने इस दौरान बल की शौर्य कमांडो टीमों के काम की सराहना भी की।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से जुड़े मुद्दों पर सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है। फेस-ऑफ का अर्थ सैनिकों का आमने-सामने आना या किसी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनना है। इसे अपने आप में गोलीबारी या युद्ध की शुरुआत नहीं माना जा सकता। मौजूदा घटनाओं के सभी स्थानों और उनकी प्रकृति का विस्तृत विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
चीन की सैन्य क्षमता और आधुनिक तकनीक पर जोर
ITBP प्रमुख ने चीन की सैन्य क्षमता में हुए आधुनिकीकरण और बदलती युद्ध तकनीक के बीच भारत की तैयारियों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक को सीमा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। आधुनिक युद्ध में निगरानी, संचार, तकनीकी उपकरणों और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, ITBP अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए ड्रोन इकाइयों, विशेष कमांडो टीमों और आधुनिक प्रशिक्षण पर ध्यान दे रही है। बल कठिन पर्वतीय क्षेत्रों में तैनात जवानों की तैयारी और उपकरणों के आधुनिकीकरण को भी मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है l
तक्सिंग क्षेत्र में तनाव की खबरें
अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के तक्सिंग क्षेत्र में पहले भी सीमा पर तनाव और गश्त से जुड़े मुद्दों की खबरें सामने आई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, 6 सितंबर को भारत और चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच वाचा-दमाई सीमा बैठक स्थल पर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी। इसका उद्देश्य क्षेत्र में जारी मुद्दों पर चर्चा करना था। हालांकि, हालिया फेस-ऑफ की सभी परिस्थितियों और उनके समाधान को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ITBP प्रमुख के बयान के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर तब प्रभावित होती है, जब चीनी सैनिक स्थापित गश्त के तरीकों से अलग गतिविधियां करते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी या तनाव बढ़ने से रोकने के लिए मौजूदा सैन्य और कूटनीतिक व्यवस्थाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। मंत्रालय ने सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता को द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सीमा सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल
ITBP प्रमुख के बयान ने सीमा पर मौजूदा स्थिति, सैनिकों की तैयारियों और तनाव कम करने के प्रयासों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण है कि आमने-सामने की स्थिति किन क्षेत्रों में बनी हुई है, गश्त पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है और तनाव को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सभी परिचालन जानकारियां सार्वजनिक करना संभव नहीं होता, लेकिन सीमा की व्यापक स्थिति और तनाव कम करने के प्रयासों पर आधिकारिक जानकारी जनता के लिए महत्वपूर्ण है। चीन की सैन्य तकनीक और सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास के बीच भारत के लिए आधुनिक उपकरण, बेहतर प्रशिक्षण, प्रभावी निगरानी और कूटनीतिक संवाद को मजबूत करना अहम बना हुआ है।
ITBP प्रमुख का बयान सीमा पर चुनौतियों और सुरक्षा तैयारियों की अहमियत को रेखांकित करता है। अब इस विषय पर आगे की आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगा कि अलग-अलग स्थानों पर बनी फेस-ऑफ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ रही है।