बेरीनाग तहसील के खितोली क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के समीप रीठा-रेतोली मार्ग पर पिछले तीन वर्षों से टूटी पड़ी सुरक्षा दीवार शासन-प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। वर्ष 2023 में क्षतिग्रस्त हुई यह सुरक्षा दीवार आज तक ठीक नहीं हो सकी है। ऐसे में विद्यालय भवन के साथ-साथ यहां पढ़ने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता बनी हुई है।
सामाजिक कार्यकर्ता आनंद बल्लभ पंत ने मामले की गंभीरता को सामने रखते हुए बताया कि सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सड़क का कटाव लगातार विद्यालय परिसर की ओर बढ़ रहा है, जिससे स्कूली बच्चों के साथ-साथ रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान सड़क का कटाव और अधिक बढ़ने की आशंका रहती है। सुरक्षा दीवार के लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण सड़क और विद्यालय परिसर के बीच सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो गई है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बताया गया है कि समस्या को लेकर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा संबंधित विभागों को लिखित शिकायत भी दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक सुरक्षा दीवार की मरम्मत को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय के पास सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके का तत्काल निरीक्षण कर सड़क और सुरक्षा दीवार की स्थिति का तकनीकी आकलन कराया जाए तथा प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
इस मार्ग की देखरेख से जुड़े प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिकारियों से भी स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के लगातार हो रहे कटाव को रोकने के लिए केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय मजबूत सुरक्षा दीवार और जल निकासी की उचित व्यवस्था की आवश्यकता है।
विद्यालय के समीप सड़क का क्षतिग्रस्त होना इसलिए भी गंभीर विषय है क्योंकि यहां से प्रतिदिन छोटे बच्चे आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को पहले ही आवश्यक सुरक्षा उपाय करने चाहिए।
खितोली में तीन वर्षों से टूटी सुरक्षा दीवार का मामला ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के रखरखाव और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। विद्यालय जैसे संवेदनशील स्थान के पास सड़क का लगातार कटाव होना सुरक्षा की दृष्टि से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करें और यह स्पष्ट करें कि वर्ष 2023 में क्षतिग्रस्त हुई सुरक्षा दीवार की मरम्मत अब तक क्यों नहीं हो सकी।
क्या किसी हादसे के बाद कार्रवाई का इंतजार किया जाएगा, या प्रशासन समय रहते विद्यालय और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा?
नोट: सुरक्षा दीवार की स्थिति, पूर्व में की गई शिकायत और संबंधित विभागों की कार्रवाई से जुड़े तथ्य स्थानीय स्तर से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं। संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।