अल्मोड़ा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। प्राकृतिक आपदा के बीच अब तक तीन लोगों की मौत होने की बात सामने आई है, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में चिंता और शोक का माहौल है।
जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में मकानों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई परिवार संभावित भूस्खलन और अन्य आपदा के खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जिन इलाकों में भूस्खलन, मकानों के क्षतिग्रस्त होने या अन्य आपदा का खतरा बना हुआ है, वहां रह रहे लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराने और जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित आवास के साथ-साथ भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग की।
भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को केवल आश्वासन देने के बजाय तत्काल राहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को शीघ्र आर्थिक सहायता देने तथा क्षतिग्रस्त मकानों और संपत्तियों का उचित आकलन कर नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने परिजनों को खोया है, उनके लिए यह बेहद कठिन समय है और प्रशासन को ऐसे परिवारों तक राहत जल्द पहुंचानी चाहिए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील की। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने और संभावित भूस्खलन वाले स्थानों की लगातार निगरानी करने की मांग की, ताकि आगे किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय स्तर की टीमों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा ने कहा कि वह इस कठिन समय में आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर उनकी हरसंभव सहायता के लिए तैयार है।
अल्मोड़ा में लगातार बारिश के बीच सामने आ रही नुकसान की खबरें पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और आपदा प्रबंधन की चुनौती को सामने लाती हैं। ऐसे समय में सबसे प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और समय पर राहत पहुंचाना है।
हालांकि, मृतकों की संख्या, संपत्ति के नुकसान और प्रभावित परिवारों के वास्तविक आंकड़े प्रशासनिक सर्वे एवं आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारा उठाई गई मांगें फिलहाल जिला कांग्रेस कमेटी का पक्ष हैं।